अच्छे ग्लोबल संकेत, इंडिया इंक के अच्छे प्रदर्शन, बेहतर आर्थिक आकंड़ों, आरबीआई की तरफ से (future stock market)  इकोनॉमी को सपोर्ट देने के लिए उठाए कदमों की वजह से बाजार सेटिमेंट में सुधार आया है औऱ कोविड -19 के बढ़ते मामलों के बावजूद बाजार में बढ़त आती दिखी है। बता दें कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर के चलते एक दिन लगभग 4 लाख नए मामले मिल रहे हैं।




पिछले हफ्ते अहम इंडेक्स अपने मनोवेज्ञानिक लेवल के ऊपर बंद हुए। बीएसई सेसेंक्स 49000 के ऊपर बंद हुआ  जबकि निफ्टी एक बार फिर से 14800 का स्तर हासिल करते दिखा।


7 अप्रैल को खत्म हुए हफ्ते में सेसेंक्स में 0.87 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। वहीं निफ्टी 1.31  फीसदी की बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा। दिग्गजों की तुलना में छोटे-मझोले शेयरों का (future stock market)  प्रदर्शन ज्यादा बेहतर रहा। पिछले हफ्ते बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 1.4 फीसदी और स्म़ॉलकैप इंडेक्स में 2.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।


Kotak Securities के  Rusmik Oza ने मनीकंट्रोल से बात करते हुए कहा कि निफ्टी ने सभी चिंताओं से पार पाते हुए 1.3 फीसदी का वीकली गेन हासिल किया। बढ़ते कोविड-19 मामलों के बीच बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है लेकिन स्मॉल और मिडकैप स्पेस में रिजल्ट सीजन में अच्छे प्रदर्शन के चलते तेजी आती दिख रही है। इस हफ्ते एनएसई मिडकैप और बीएसई स्मॉल कैप दोनों ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया है। यूएस और चाइना से आते मजबूत आकंड़ों से भी ग्लोबल मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है।


पिछले हफ्ते S&P BSE 500 index के करीब 49 स्टॉक्स ऐसे रहे जिनमें 10-30 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। इसमें Lupin, Hindustan Copper, Fortis Healthcare, Vedanta, Tata Coffee, Coforge, HFCL और  Dish TV India के नाम शामिल हैं।


अलग-अलग सेक्टर पर नजर डालें तो पिछले हफ्ते लगातार दूसरे हफ्ते मेटल इंडेक्स  टॉप परफॉर्मर (future stock market)  रहा। मेटल इंडेक्स में सिर्फ 5 कारोबारी सत्र मे 10 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। मजबूत  ग्लोबल डिमांड के चलते मेटल कीमतों में बढ़त देखने को मिल रही है।


अब कहां रखें नजर


7 मई से 15 मई के बीच  कम से कम 150 कंपनियों के मार्च तिमाही के नतीजे आने वाले है। जिनपर बाजार  की नजरें टिकी रहेंगी। इसके अलावा निवेशकों की नजर कोविड-19 के बढ़ते मामलों औऱ मंहगाई और आईआईपी आकंड़ो पर भी रहेगी।


Geojit Financial Services के विनोद नायर ने कहा कि आनेवाले हफ्तों में बाजार की दशा औऱ दिशा कोविड-19 की स्थिति ग्लोबल संकेतों और तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। इसी हफ्ते अप्रैल महीने का इन्फ्लेशन डेटा, मार्च महीने का इंफ्लेशन डेटा और अप्रैल का आईआईपी आने वाला है। उम्मीद है कि मार्च महीने में रिकवरी के दम पर आईआईपी में मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी जबकि महंगाई के आकंड़े बढ़े रह सकते है।


टेक्निकल व्यू


शुक्रवार को निफ्टी ने क्लोजिंग बेसिस पर एक बार फिर 14800 का स्तर हासिल किया जो इसका 50 -Days SMA है। जानकारों का कहना है कि अब निफ्टी को 14900-15000 के लेवल पर कुछ रजिस्टेंस का सामान करना पड़ सकता है।


 Kotak Securities के श्रीकांत चव्हाण का कहना है कि ट्रेडर्स को नया लॉन्ग पोजिशन लेने के लिए 15000 के ऊपर के किसी ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए। निफ्टी ने डेली चार्ट पर अस्पष्ट फॉर्मेशन बनाया है। हालांकि वीकली बेसिस पर इसने अपने निचले स्तर से 400 अंकों की बढ़त हासिल की है। बीते हफ्ते का सबसे बड़ा सकारात्मक पक्ष यह रहा कि निफ्टी अपने  14800 के अहम रजिस्टेंस से ऊपर बंद होने में कामयबा रहा। अब निफ्टी कम से कम  15000-15050 का स्तर छू सकता है लेकिन निफ्टी के 15150 का स्तर पार करने के बाद हमें बाजार में मजबूत पिकअप आता दिखेगा। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 14600-14500 पर मजबूत सपोर्ट है।


श्रीकांत चव्हाण ने आगे कहा कि पिछले हफ्ते एफआईआई ने कैश सेगमेंट में 5500  करोड़ की बिकवाली की इस ट्रेंड में जल्द ही बदलाव की दरकार है। अगर ऐसा नहीं होता है तो बाजार पर दबाव बनता दिखेगा।