राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनी लिमिटेड (NARCL) या बैड बैंक अगले महीने यानी जून से शुरू हो सकता है। भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के सीईओ सुनील मेहता ने यह बात कही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश करते हुए बैड बैंक की घोषणा की थी। बैंकों की फंसे हुए कर्ज या बुरी संपत्ति को टेकओवर करने और उनका समाधान करने वाले वित्तीय संस्थान को बैड बैंक कहा जाता है।



सरकारी और प्राइवेट बैंकों की भागीदारी रहेगी
सुनील मेहता ने कहा कि नई इकाई का गठन सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की मदद से किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘इस संबंध में विभिन्न काम चल रहे हैं और हमें उम्मीद है कि यह अगले महीने चालू होना चाहिए। एनएआरसीएल का सबसे बड़ा फायदा पहचाने गए एनपीए (गैर निष्पादित परिसंपत्ति) का एकत्रीकरण होगा।'' उन्होंने कहा, "इसके वसूली में अधिक दक्ष होने की उम्मीद है, क्योंकि विभिन्न बैंकों को इस समय बुरे कर्ज के समाधान में कई तरह की जटिलताओं का सामना करना पड़ता है।'' 

मेहता ने कहा कि एनएआरसीएल इस समय कर्जदाताओं के खराब ऋणों को लेगा और एनपीए की बिक्री से अधिकतम राशि हासिल करने की कोशिश करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के आम बजट में घोषणा की थी कि बैंकों के बहीखातों को तुरंत साफ करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बैंकों की फंसे कर्ज की समस्याओं से निपटने के लिए एक परिसंपत्ति पुनर्निर्माण और प्रबंधन कंपनी स्थापित की जाएगी, वहीं नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की रूपरेखा को मजबूत किया जाएगा।