देश के दूसरे सबसे अमीर शख्स गौतम अडाणी (Gautam Adani) को जल्द ही 1954 करोड़ रुपए का झटका लग सकता है. दरअसल गंगावरम (Gangavaram) पोर्ट के साथ हुई अडाणी पोर्ट की डील खतरे में पड़ती नजर आ रही है. इसकी वजह अडाणी ग्रुप का म्यांमार मिलिट्री कनेक्शन है. प्रोजेक्ट में विदेशी पैसों के निवेश की आशंका के चलते पार्टनर ग्रुप गंगावरम के प्रमोटर्स ने अडाणी पोर्ट्स में शेयरों के बजाय उनकी आधी हिस्सेदारी के लिए नकदी की मांग की है. इससे गौतम अडाणी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.



अडाणी समूह से हुई डील के बाद प्रोमोटर पोर्ट दोबारा बिक्री पर मोलभाव कर रहे हैं. वो इस डील के कैश कम्पोनेंट में बढ़ोत्तरी चाहते हैं. मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक, गंगावरम में 58.1 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले डीवीएस राजू (DVS Raju) फैमिली का कहना है कि उन्हें पार्टनरशिप में आधे हिस्से का भुगतान कैश में चाहिए न कि शेयर्स में. बता दें पहले ये सौदा ऑल शेयर डील के तहत तय हुआ था.

मिलिट्री कनेक्शन से वैल्यूएशन पर पड़ सकता है असर

अडाणी समूह पहले से ही म्यांमार मिलिट्री कनेक्शन को लेकर लोगों की तीखी आलोचना झेल चुका है. ऐसे में प्रमोटर कंपनी की बगावत से डील खतरे में पड़ सकती है. गंगावरम पोर्ट के प्रमोटरों को इस बात का डर सता रहा है कि अदाणी के म्यांमर मिलिट्री से संबंधों के कारण वैल्यूएशन पर असर पड़ सकता है. उन्हें लगता है कि कुछ स्कैनडेनेवियन निवेशकों द्वारा कंपनी से जुड़ी ESG (एन्वारनमेंट,सोशल और कॉर्पोरेट गर्वनेंस से जुड़ी चिंताएं) चिंताओं की वजह से अदाणी पोर्ट में अपनी होल्डिंग बेच दी है.

1954 करोड़ में खरीदी थी हिस्सेदारी

अडाणी पोर्ट के एक प्रमोटर फर्म ने गंगावरम पोर्ट में Warburg Pincus से 1954 करोड़ रुपए में 31.5 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी. इसके अलावा 23 मार्च को अदानी पोर्ट ने 3,604 करोड़ रुपए में गंगावरम पोर्ट में राजू फैमिली की हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए एक डील की थी. इन दोनों ही डील के लिए Gangavaram का वैल्यूएशन 120 रुपए प्रति शेयर किया गया था.