कोरोना से लड़ने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस महामारी में ईलाज के लिए उपयोग होने वाले (covid inc)  रेमडिसिविर पर कस्टम ड्यूटी सरकार ने समाप्त कर दी है। इसके साथ ही इसके कच्चे माल और वायरल रोधक दवा बनाने में उपयोग होने वाले अन्य सामान पर सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी खत्म करने की घोषणा की है। सरकार की इस घोषणा से रेमडिसिविर इंजेक्शन की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और लागत घटाने में मदद मिलेगी जिसके फलस्वरूप ये दवाईयां मरीजों को सस्ते में उपलब्ध हो सकेंगी।




केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सरकार के इस फैसले के बार में ट्वीट करके जानकारी दी है। गोयल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोरोना के मरीजों की स्वास्थ्य देखभाल की प्राथमिकता के मद्देनजर रेमडेसिविर एपीआई, इंजेक्शन और अन्य सामग्री को आयात शुल्क मुक्त किया गया है। इससे आपूर्ति बढ़ेगी और लागत घटेगी, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी।


रेमडेसिविर एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रिडिएंट्स (एपीआई), इंजेक्शन रेमडेसिविर और रेमडेसिविर के विनिर्माण में काम (covid inc)  आने वाली बीटा साइक्लोडेक्ट्रिन पर अब कस्टम ड्यूटी लागू नहीं होगी। कस्टम ड्यूटी की यह छूट इस साल 31 अक्टूबर तक लागू रहेगी। राजस्व विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने जन हित में इन उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी खत्म करने का फैसला किया है।


रेमडेसिविर की बढ़ती मांग के मद्देनजर केंद्र ने इससे पहले 11 अप्रैल को इसके इंजेक्शन और एपीआई के निर्यात को स्थिति में सुधार आने तक बैन कर दिया था। राष्ट्रीय औषधि मूल्य प्राधिकरण (एनपीपीए) ने पिछले सप्ताह कहा था कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद कई दवा कंपनियों ने रेमडेसिविर के दाम घटाए हैं। वहीं सरकार के हस्तक्षेप के बाद कैडिला हेल्थकेयर ने रेमडैक (रेमडेसिविर 100 एमजी) इंजेक्शन का दाम 2,800 से रुपये से घटाकर 899 रुपये कर दिया है। वहीं सिंजीन इंटरनेशनल ने अपने ब्रांड रेमविन का दाम 3,950 रुपये से घटाकर 2,450 रुपये कर दिया है।