भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (Himachal Pradesh State Cooperative Bank) पर 40 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना नाबार्ड (NABARD) द्वारा जारी कुछ नियामकीय दिशानिर्देशों के उल्लंघन को लेकर लगाया गया है. रिजर्व बैंक ने कहा कि जुर्माना राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा ‘रिव्यू ऑफ फ्रॉड्स-गाइडलाइंस ऑन मॉनिटरिंग एंड रिपोर्टिंग सिस्टम’ में शामिल नियामकीय निर्देशों का अनुपालन नहीं करने को लगाया गया है.



इस संदर्भ में राज्य सहकारी बैंक को नोटिस जारी किया गया था. बैंक के जवाब पर विचार करने और व्यक्तिगत सुनवाई का मौका देने के बाद आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि बैंक पर आरोप महत्वपूर्ण है और उस पर जुर्माना लगाए जाने की जरूरत है.

इन बैंक पर RBI का एक्शन

बता दें कि हाल के कुछ वर्षों में घोटालों और नियमों की अनदेखी के चलते आरबीआई को-ऑपरेटिव बैंकों पर जुर्माना और पाबंदी लगाते आया है. इसी साल जनवरी में आरबीआई ने व्यावसायिक सहकारी बैंक मर्यादित पर 5 लाख रुपए और महाराष्ट्र नागरी सहकारी बैंक मर्यादित पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था. केवाईसी (KYC) और कुछ अन्य मानदंडों के उल्लंघन को लेकर दोनों को-ऑपरेटिव बैंकों पर 7 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था.

इसके अलावा, इस महीने RBI ने नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान केवाईसी (KYC) पर जारी निर्देशों और चलन से हटाए गए नोटों को बदलने से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने को लेकर बिहार अवामी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया.

आपके पैसे पर पड़ेगा असर?

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंक में जमा किए गए ग्राहकों के पैसों पर कोई असर नहीं होने वाला. RBI के मुताबिक, बैंकों के खिलाफ लिया गया इस तरह का एक्शन नियामकीय अनुपालनों में कमियों पर आधारित है. इसका मकसद बैंकों और ग्राहकों के बीच किसी तरह के ट्रांजेक्शन या करार की वैधता पर फैसला देने का नहीं है. ऐसे में स्पष्ट है कि इन इस बैंक के ग्राहकों के पैसों पर इस कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ने वाला है.