स्टॉक मार्केट के बिग बुल और देश के सबसे बड़े डोमेस्टिक इंवेस्टर राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) ने कहा कि उनके पोर्टफोलियो में शामिल अनलिस्टेड कंपनियों ने उन्हें स्टॉक मार्केट में लिस्टेड कंपनियों से अधिक रिटर्न दिया है। झुनझुनवाला ने कहा कि उन्होंने इन अनलिस्टेड कंपनियों यानी वैसी कंपनियां जो स्टॉक मार्केट में लिस्टेड नहीं है, इनमें 10 से 12 साल पहले निवेश किया था।


                                      




जन स्मॉल फाइनेंस कंपनी (Jana Small Finance) के वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में राकेश झुनझुनवाला ने कहा, मुझे यह बताने में खुशी हो रही है कि मैनें जिन अनलिस्टेड कंपनियों में लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट किया, उन कंपनियों ने मुझे शेयर मार्केट में लिस्टेड कंपनियों में मेरे निवेश से कहीं ज्यादा रिटर्न दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के सामाजिक-आर्थिक स्थिति को देखते हुए इक्विटी मार्केट पर लगाया गया टैक्स वाजिव है।

राकेश झुनझुनवाला के कहा कि भारत जैसे अनइक्वल सोसाइटी में जो नए एस्पिरेंट्स हैं, वे पैसे कमा रहे हैं। इसलिए यह कहना गलत है कि भारत में क्रोनी कैपिटलिज्म (crony capitalism) है। उन्होंने कहा कि फर्स्ट जेनरेशन एंटरप्रेन्योर्स जो काफी विविध और मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आए हैं, वे धन अर्जित कर रहे हैं। इससे मुझे भारतीय होने पर गर्व होता है।

झुनझुनवाला ने इस बात से इनकार किया कि मार्केट में उपलब्ध पर्याप्त लिक्विडिटी के कारण शेयर बाजार में 2020 के सेकेंड हाफ से तेजी आई है। उन्होंने कहा, यह कहना गलत होगा कि केवल पर्याप्त लिक्विडिटी के कारण ही शेयर बाजार में तेजी आई है। स्टॉक मार्केट में यह तेजी कंपनियों के अर्निंग पोटेंशियल के कारण आई है। इसका सबूत सितंबर और दिसंबर तिमही में कंपनियों को हुआ जबरदस्त फायदा है।

इन स्टॉक्स पर बुलिश

राकेश झुनझुनवाला के कहा कि वे इंफ्रास्ट्रक्चर, साइक्लिकल्स, PSU Banks के साथ मेटल और कमोडिटीज पर बुलिश हैं। राकेश झुनझुनवाला ने कहा कि आने वाले समय में भारतीय घरेलू बाजार में कमॉडिटीज में जबरदस्त बुल रन देखने को मिलेगा जो लंबे समय यानी कम से कम 5 से 7 सात तक चलेगा।

हर 4 से 5 साल में दोगुना होगा बेंचमार्क इंडेक्स

राकेश झुनझुनवाला के कहा कि स्टॉक मार्केट में बेंचमार्क इंडेक्स अगले 25 साल तक हर 4 से 5 साल में दोगुना होगा। साथ ही भारत का प्रति व्यक्ति आय चीन से अधिक हो जाएगा। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि वर्ष 2025-26 में भारत की GDP डबल डिजिट में ग्रोथ करेगी और यह मोमेंटम अगले 2 दशकों तक चलता रहेगा।