EPFO ने फिस्कल ईयर 2020-2021 के लिए 8.50 फीसदी ब्याज दर तय किया है। यह पिछले फिस्कल ईयर के बराबर ही है। पहले आशंका थी कि सरकार फिस्कल ईयर 2020-2021 के लिए ब्याज दर कम कर सकती है। लेकिन राहत की बात है कि इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।




आज EPFO के सेंट्रल बोर्ड ट्रस्टी की बैठक श्रीनगर में हुई जिसमें इंटरेस्ट रेट पहले के लेवल पर बनाए रखने का फैसला किया गया है। अगर ब्याज दर 8.5 फीसदी पर बरकरार रखा
जाता है तो यह पिछले फिस्कल ईयर (FY 2019-2020)  के बराबर होगी। अगर इससे कम ब्याज दर तय होता है तो वह पिछले एक दशक में सबसे कम रेट होगा।


कोरोनावायरस संक्रमण और इकोनॉमी की सुस्त ग्रोथ के कारण माना जा रहा था कि इस साल सरकार इंटरेस्ट रेट घटा सकती है। फिस्कल ईयर 2019-2020 में सरकार ने 8.50 फीसदी ब्याज दर तय किया था जो पिछले 7 साल का सबसे निचला लेवल था। फिस्कल ईयर 2018-2019 में आम आदमी को राहत देते हुए सरकार ने फिस्कल ईयर 2020-21 के लिए PF का रेट 8.5 फीसदी पर बरकरार रखा है. अगर यह इससे नीचे जाता तो 10 साल में सबसे कम रेट होता. लेकिन राहत है कि ऐसा नहीं हुआ. फिस्कल ईयर 2018-19 में EPFO ने 8.65 फीसदी ब्याज दर तय किया था।


फिस्कल ईयर 2019-2020 में EPF का ब्याज दर 2012-13 के बाद सबसे निचले लेवल पर था। तब ब्याज दर 8.5 फीसदी था। फिस्कल ईयर 2016-17 में EPF का ब्याज दर 8.65 फीसदी और 2017-18 में 8.55 फीसदी था।