केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार खुले मन से नई टेक्नोलॉजी (cryptocurrency news) को एक्सप्लोर करने के साथ उनका मूल्यांकन करने और इन्हें प्रोत्साहित करने के लिए तैयार है और इस नई टेक्नोलॉजी में क्रिप्टोकरेंसी भी शामिल है। अनुराग ठाकुर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार प्राइवेट डिजिटल करेंसी को बैन करने के लिए बजट सत्र में ही संसद में क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021 (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill 2021) पेश करने की तैयारी में है।


                     



अनुराग ठाकुर ने शनिवार को एंटरप्रेनेयोर्स द्वारा आयोजित  EO Punjab कार्यक्रम में कहा कि सरकार प्रशासन में सुधार के लिए क्रिप्टोकरेंसी सहित नई तकनीकों पर विचार करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद प्रशासन के विभिन्न पहलुओं में टेक्नोलॉजी को अपनाने के मजबूत समर्थक हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा  (cryptocurrency news) कि केंद्र सरकार इनोवेशन और नई टेक्नोलॉजी का स्वागत करती है और ब्लॉकचेन नई उभरती हुई तकनीक है। क्रिप्टोकरेंसी वर्चुअल करेंसी का एक रूप है। उन्होंने कहा कि इसके लिए EGOM का गठन किया गया था। सरकार समिति की सिफारिशों पर निर्णय लेगी और अगर कोई प्रस्ताव होगा तो उचित प्रक्रिया के बाद संसद में पेश किया जाएगा।

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा था कि सरकार अभी क्रिप्टोकरेंसी पर अपनी राय तैयार कर रही है। अनुराग ठाकुर के इस बयान से लगता है क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार के नजरिए में बदलाव आया है। एक्सपर्ट्स बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को भविष्य की करेंसी कहते है। बिटक्वाइन में एलॉन मस्क जैसे बिजनेसमेनन के निवेश के बाद दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता देने की मांग मजबूत हो रही है। यही वजह है कि भारत सरकार भी टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट के मामले में पिछड़ना नहीं चाहती। वित्त मंत्री ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी पर केंद्र का फैसला कैलिब्रेटेड होगा। सीतारमण ने कहा है कि केंद्र नई टेक्नोलॉजी के विरोध में नहीं है।

निवेशकों को इससे बाहर निकलने का मौका मिलेगा

क्रिप्टोकरेंसी को बैन करने के प्रस्तावित बिल में यह प्रावधान किया गया है कि भारतीय कंपनियां और आम लोग डिजिटल करेंसी के तौर पर संपत्ति इकट्ठा नहीं कर पाएंगे। हालांकि, बिटकॉइन जैसी निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध (cryptocurrency news) लगाने से पहले केंद्र सरकार इसके निवेशकों को इससे बाहर निकलने का मौका देगी, लेकिन क्रिप्टो ऐसेट्स को वैध यानी लीगल करने के लिए निवेशकों को भारी पेनाल्टी चुकानी होगी। डिजिटल करेंसी बिल, 2021 को अभी फाइनलाइज किया जाना बाकी है।

वित्त मंत्रलाय के सूत्रों ने बताया कि इस बिल क्रिप्टो ऐसेट्स से एग्जिट करने और इसे लीगलाइज करने के लिए कितना जुर्माना भरना होगा यह अभी तय नहीं है। डिजिटल करेंसी बिल का मकसद RBI द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल करेंसी या सरकारी क्रिप्टोकरेंसी के निर्माण के कानूनी रास्ता तैयार करना है