सरकारी विमानन कंपनी एअर इंडिया (Air India) को बेचने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। अब एअर इंडिया को खरीदने वाली कंपनियों में सिर्फ टाटा ग्रुप (Tata Group) और प्राइवेट एयरलाइन्स कंपनी स्पाइसजेट (Spicejet) ही रह गई है। जानकारी के मुताबिक, दूसरी कंपनियों के एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) खारिज हो चुके हैं। बता दें कि एअर इंडिया को खरीदने के लिए कई कंपनियों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) दाखिल किए थे। एअर इंडिया को बेचने की कोशिश पिछले 20 सालों से चल रही है, लेकिन योग्य और सक्षम खरीददार सामने नहीं आ रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी समस्या एअर इंडिया की लायबिलिटीज है। इस सरकारी उड्डयन कंपनी पर 38,366 करोड़ रुपए का कर्ज है, वहीं सरकारी विभागों पर एअर इंडिया का 500 करोड़ रुपए का बकाया है।


                           


एअर इंडिया को खरीदने के लिए कई कंपनियों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) जमा किए थे। डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (DIPAM) के अधिकारियों ने यह जानकारी दी कि एअर इंडिया की बिक्री की प्रक्रिया को 2 चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में इच्छुक कंपनियों से ईओआई मांगे गए। योग्यता के आधार पर सफल ईओआई का चयन किया जाएगा। दूसरे चरण में एअर इंडिया को खरीदने में सक्षम पाई गई कंपनियों को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि एअर इंडिया की बिक्री की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। 


साल 2017 में सरकार एअर इंडिया की 74 हिस्सेदारी बेचना चाह रही थी, लेकिन बाद में इसे 100 फीसदी कर दिया गया। इसके साथ ही सरकार एअर इंडिया एक्सप्रेस में भी पूरी हिस्सेदारी बेच रही है। बता दें कि एअर इंडिया के पास कुल 46 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति है। इसमें जमीन, बिल्डिंग, फ्लीट और दूसरी परिसंपत्तियां शामिल हैं।