भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सभी बैंक और कार्ड जारी करने (rbi corp) वाली संस्थाओं को दिशा-निर्देश जारी किए हैं.  दरअसल पिछले कुछ दिनों से आरबीआई को ऑनलाइन पेमेंट में कुछ शिकायतें मिली थीं जिसके बाद ये गाइडलाइंस जारी की गई हैं. आरबीआई ने बैंकों को साफ तौर पर कहा है कि नई गाइलाइंस को लागू करने में बिल्कुल देर न करें. जल्द से जल्द ग्राहकों के लिए ऑनलाइन पेमेंट के सिस्टम को और सुरक्षित बनाएं.





आरबीआई के दिशा-निर्देश

नई गाइडलाइंस का मकसद डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित करना है. इसके तहत इंटरनेट (rbi corp)  बैंकिंग, मोबाइल पेमेंट, कार्ड पेमेंट, ग्राहक सुरक्षा व शिकायत निपटाने के सिस्टम को और मजबूत करना है. ये नियम सभी शेड्यूल्ड कॉमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक तथा क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी एनबीएफसी पर लागू होंगे. बैंकों को ऐसा सिस्टम तैयार करने को कहा गया है जिससे ग्राहकों के साथ कोई धोखेबाजी न हो.

मोबाइल ऐप पर आरबीआई की नसीहत

आरबीआई ने इस बात पर खास जोर दिया है कि जब कोई बैंक अपनी मोबाइल ऐप को बदले तो  पुरानी ऐप को 6 महीने के अंदर खत्म कर दे, जिससे ग्राहकों को किसी प्रकार का भ्रम न हो. आम तौर पर एक से ज्यादा ऐप होने पर ग्राहकों को धोखा हो जाता है और इसी बात का (rbi corp)  फायदा साइबर क्रिमिनल उठा लेते हैं. आरबीआई ने ये भी कहा कि सभी बैंक को अपने ग्राहकों को समय-समय पर जागरूक भी करना चाहिए जिससे ग्राहकों को कोई धोखा न दे सके.

लगातार सुधार की कोशिश में आरबीआई

रिजर्व बैंक देश के बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में कामकाज को और बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है. कोरोना काल में साइबर क्राइम के मामले काफी (rbi corp)  सामने आए हैं जिसके बाद आरबीआई की पूरी कोशिश ये है कि ऑनलाइन पेमेंट, ऐप से पेमेंट , नेटबैंकिंग , एनईएफटी और आरटीजीएस पहले से और ज्यादा सुरक्षित हों.