Petrol-Diesel Price: देश में इन दिनों पेट्रोल-डीजल के दाम चीते की रफ्तार से भाग रहे हैं। भले ही दो दिनों से तेल के दाम स्थिर हों। लेकिन देश भर में पेट्रोल-डीजल के दाम ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर चल रहे हैं। इस बीच देश के 4 राज्यों ने पेट्रोल-डीजल में टैक्स कटौती कर दी है। इन राज्यों में पश्चि बंगाल, असम, राजस्थान और मेघालय शामिल है। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम में आई तेजी के चलते इन राज्यों के लोगों को थोड़ा राहत जरूर मिलेगी।





इन 4 राज्यों में टैक्स की कीमत में भले ही कटौती हो गई हो, लेकिन 3 राज्यों में डीजल के दाम घटने के बाद भी दिल्ली में डीजल सस्ता है। जबकि इन 2 राज्यों के मुकाबले दिल्ली में पेट्रोल सस्ता है। पश्चिम बंगाल में चुनाव के चलते ममता सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर  वैट (value-added tax) में 1 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से कटौती कर दी है। इन 4 राज्यो के मुकाबले पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में सरकार ने पेट्रोल पर 7.40 रुपये और डीजल पर 7.10 रुपये की सबसे बड़ी कटौती की घोषणा की है।


असम में इस साल चुनाव होने वाले हैं। असम की राज्य सरकार ने भी पिछले साल कोरोना संकट के दौरान लगाए जाने वाले 5 रुपये एडिश्नल टैक्स (additional tax) को हटा लिया है। वैट में कटौती करने वाला सबसे पहला राज्य राजस्थान था। राजस्थान में 29 जनवरी को पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले VAT को 38 फीसदी से घटाकर 36 फीसदी तक कर दिया था।


टैक्स में कटौती करने के बाद, कोलकाता में पेट्रोल के दाम 91.78 रुपये, मेघालय की राजधानी शिलांग में पेट्रोल के दाम 86.87 रुपये। वहीं गुवाहाटी में 87.24 रुपये है। जबकि जयपुर में 22 फरवरी को पेट्रोल के जाम 97.10 रुपये हैं। वहीं डीजल का भाव कोलकाता में 84.56 रुपये, शिलांग में 80.24 रुपये, गुवाहाटी में 81.49 रुपये और जयपुर में 89.44 रुपये प्रति लीटर हो गए। 
 
दिल्ली में आज 22 फरवरी को पेट्रोल के दाम 90.58 रुपये प्रति लीटर और डीजल के भाव 80.97 रुपये प्रति लीटर हैं। फरवरी महीने पेट्रोल के भाव 4.28 रुपये और डीजल के दाम 4.49 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है।


नवंबर की शुरुआत से अब तक कच्चे तेल के दाम में 60 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो गई है। कोरोना वायरस की वैक्सीन आने के चलते रिकवरी में जोरदार सुधार की उम्मीद जागी है। देश की फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को कहा था कि तेल की बढ़ती कीमतों ने सरकार के सामने धर्मसंकट (dharma sankat) खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि तेल की रिटेल कीमतों को जायज स्तर तक लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर कोई व्यवस्था बनानी होगी।