एमएंडएम ने अपने तिमाही नतीजे पेश कर दिए है। तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 39.6 फीसदी बढ़ा है। वित्त वर्ष (department of revenue)  2021 की तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 380.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 530 करोड़ रुपये रहा है।


कंपनी के 1214 करोड़ रुपये के एकमुश्त घाटे में 530 करोड़ रुपये  नेट प्रॉफिट शामिल नहीं है।  





वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 16 फीसदी बढ़कर 14,056.5 करोड़ रुपये रही है जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू 12,120.8 करोड़ रुपये रही थी।




तीसरी तिमाही में कंपनी की EBITDA सालाना आधार पर 33.4 फीसदी की बढ़त के साथ 2,385.6  करोड़ रुपये पर रही है जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में 1,788.8 करोड़ रुपये रही थी। वहीं कंपनी की EBITDA Margin में सालाना आधार पर ग्रोथ दिखी है। तीसरी तिमाही में कंपनी की EBITDA Margin 14.8 फीसदी से बढ़कर  17 फीसदी पर आ गई है।


सालाना आधार पर तीसरी तिमाही में कंपनी के ऑटोमोटिव बिजनेस रेवेन्यू 12 फीसदी बढ़कर 8311 करोड़ रुपये रही है (department of revenue)   जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में 7,423 करोड़ रुपये रही थी।


सालाना आधार पर तीसरी तिमाही में कंपनी के ऑटोमोटिव बिजनेस की एबिट  रेवेन्यू 13.4 फीसदी बढ़कर 614.1 करोड़ रुपये रही है जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में 541.7 करोड़ रुपये रही थी। वहीं ऑटोमोटिव बिजनेस की एबिट  मार्जिन 17.3 फीसदी के मुकाबले 17.4 फीसदी रहा है।


इस तिमाही में कंपनी की ट्रैक्टर बिजनेस से होनेवाली आय सालाना आधार पर 23.5 फीसदी बढ़ी है। तीसरी तिमाही में कंपनी की ट्रैक्टर बिजनेस से होनेवाली आय 5,281 करोड़ रुपये रही है जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में 4,277.8 करोड़ रुपये रही थी।


सालाना आधार पर कंपनी की ट्रैक्टर बिजनेस एबिट 49 फीसदी बढ़कर 1235.9 करोड़ रुपये पर रही है जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में 830.4 करोड़ रुपये रही थी। वहीं ट्रैक्टर बिजनेस की एबिट मार्जिन 19.4 फीसदी (department of revenue)    से बढ़कर 23.3 फीसदी पर रही है।


नतीजों पर कंपनी के प्रबंधन का कहना है कि वर्तमान आकलन के मुताबिक इस बात की संभावना नहीं है कि SsangYong डील संपन्न होगी। तीसरी तिमाही में SsangYong में कंपनी के निवेश में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। कंपनी ने आगे कहा है कि ग्रामीण भारत में ट्रैक्टर ग्रोथ को मदद मिली है। कंपनी को आगे भी जबरदस्त ट्रैक्टर डिमांड की उम्मीद है।