सोने की खरीदारी करना चाहते हैं तो यह सबसे सही वक्त हो सकता है। सोना अपने उच्च्तम स्तर से 10,000 रुपये सस्ता हो चुका है। दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों 717 रुपये टूटकर 46,102 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। वहीं, कोरोना संकट के दौरान अगस्त, 2020 में सोना 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम का सर्वोच्‍च स्तर छुआ था। वहीं, चांदी इसी दौरान 77,840 रुपये प्रति किग्रा के शीर्ष स्‍तर पर पहुंच गई थी।

                             




गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्‍त वर्ष 2021-22 के लिए पेश किए बजट में सोने और चांदी पर आयात शुल्क में भारी कटौती की घोषणा की थी। सोने और चांदी पर आयात शुल्क मे फीसदी की कटौती की गई है। पांच फीसदी की कटौती के बाद सिर्फ 7.5 फीसदी आयात शुल्क देनी होगी। इस घोषणा के बाद से सोने-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट का दौर जारी है। सर्राफा विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के लिए सोने में निवेश करना एकबार फिर से फायदेमंद हो सकता है। सोना एक बार फिर से 60 हजार रुपये के स्तर को छू सकता है। ऐसे में निवेशकों को मोटा रिटर्न मिलेगा।

चांदी में भी गिरावट का दौर

चांदी भी 1,274 रुपये की हानि के साथ 68,239 रुपये प्रति किलो ग्राम पर बंद हुई, जिसका पिछला बंद भाव 69,513 रुपये प्रति किलो था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, सोने की वैश्विक कीमत में गिरावट के अनुरूप दिल्ली में 24 कैरेट सोने की हाजिर कीमत में 717 रुपये की गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरावट के साथ 1,786 डॉलर प्रति औंस था जबकि चांदी 27.10 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही।


वायदा बाजार में कीमत आठ माह के निचले स्तर पर

वायदा बाजार में सोने की कीमत आठ महीने के निचले फिसल गया है। एमसीएक्स पर सोने की कीमतें 47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के भी नीचे फिसल गई हैं। यह मई 2020 के स्तर पर आ गया है। बुधवार को घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स में सोना 0.68प्रतिशत गिरकर 46580 रूपये प्रति 10 ग्राम और सोना मिनी 0.63 प्रतिशत गिरकर 46480 रुपए प्रति 10 ग्राम पर रहा। इस दौरान चांदी 0.53 प्रतिशत फिसल कर 69006 रुपए प्रति किलो और चांदी मिनी 0.55 प्रतिशत गिरकर 66931 रुपए प्रति किलोग्राम पर रही। चांदी अबतक अपने उच्चतम स्तर 79,980 रुपये प्रति किलो से करीब 10,000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है।


क्यों आ रही कीमतों में गिरावट

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए देशभर में वैक्सिनेशन की शुरुआत हो गई है। ऐसे में निवेशक सोने को छोड़कर शेयर बाजार की तरफ रुख कर रहे हैं। शेयर बाजर में इस समय काफी शानदार तेजी देखने को मिल रही है। यहां निवेशक कम समय में ज्यादा रिटर्न कमा रहे हैं। वहीं, सोने में बिकवाली का दौर है। इससे सोने पर दबाव बना है। इससे भारत समेत दुनियाभर में सोने की कीमत नीचे आ रही है।


2020 में 28 फीसदी महंगा हुआ था सोना

साल 2020 सोने के लिए बहुत ही शानदार साबित हुआ था। सोने की कीमत करीब 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई थी। वैश्विक बाजार में भी सोना करीब 25 फीसदी महंगा हुआ था। इससे पहले 2019 में भी सोने के दाम में बढ़ोतरी की दर डबल डिजिट में थी। 2020 में सोने के दाम में तगड़ी तेजी की वजह कोरोना वायरस रहा, जिसकी वजह से लोग निवेश का सुरक्षित ठिकाना ढूंढ रहे थे। सोने में निवेश हमेशा से ही सुरक्षित माना जाता है।