कोरोना महामारी के चलते डेयरी प्रॉडक्ट्स के निर्यात पर भी बुरा असर पड़ा. पिछले साल अप्रैल-अक्टूबर (milk thistle)  2020 में डेयरी प्रॉडक्ट्स के निर्यात में 3.2 फीसदी की गिरावट आई. यह गिरावट रुपये के टर्म्स में आंकी गई है. यह जानकारी केंद्र सरकार ने आज 5 फरवरी को संसद में दी. सरकार ने बताया कि निर्यात में गिरावट से होने वाली हानि को रिकवर करने की कोशिश जारी है. राज्यसभा को दिए गए लिखित जवाब में Minister of State for Fisheries, Animal Husbandry and Dairying संजीव कुमार ने कहा कि डेयरी इंडस्ट्री को हुए नुकसान की भरपाई के लिए एग्रीकल्चरल एंड प्रॉसेस्ड फूड प्रॉडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) मिलकर कई प्रोग्राम इंप्लीमेंट कर रही है. केंद्रीय मंत्री ने हालांकि निर्यात के सटीक आंकड़े नहीं दिए.




निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार डेयरी प्रोसेसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (डीआईडीएफ), नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट (एनपीडीडी) और सपोर्टिंग डेयरी कोऑपरेटिव्स एंड फार्मर (milk thistle)  प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (SDCFPO) को इंप्लीमेंट कर रही है.

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आयात में भी रही गिरावट

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अप्रैल-अक्टूबर 2019 की तुलना में अप्रैल-अक्टूबर 2020 में डेयरी प्रॉडक्ट्स के निर्यात (रुपये के टर्म में) में 3.2 फीसदी की गिरावट आई. केंद्रीय मंत्री ने राज्यसभा को बताया कि चालू वित्त वर्ष 2020-21 के अप्रैल-अक्टूबर 2020 की अवधि में डेयरी प्रॉडक्ट्स के आयात में भी गिरावट रही और वॉल्यूम व वैल्यू दोनों टर्म में यह गिरावट रही.
अप्रैल-अक्टूबर 2020 में 26,496.56 टन डेयरी प्रॉडक्ट्स का आयात किया जिनका मूल्य 805.42 करोड़ रुपये रहा. इसकी तुलना में अप्रैल-अक्टूबर 2019 में 831.82 करोड़ रुपये में 33,829.83 टन डेयरी (milk thistle)  प्रॉडक्ट्स का आयात हुआ था.


डेयरी फार्मर्स को केसीसी के लिए विशेष फोकस

एक और जवाब में केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि कोरोना महामारी के दौर में किसानों को वित्तीय समस्याएं झेलनी पड़ी थीं जिससे निपटने के लिए सरकार ने मिल्क कोऑपरेटिव्स के डेयरी फार्मर्स को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) वितरित करने के लिए विशेष तौर पर काम किया. इस कैंपेन की समाप्ति पर डेयरी फार्मर्स ने 52.46 लाख फॉर्म भरे जिसमें से 44.83 लाख को बैंक के पास सबमिट किए गए. (milk thistle)  केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि 22 जनवरी 2021 तक डेयरी एक्टिविटीज के लिए 5.72 लाख नए केसीसी सैंक्शन किए गए जिनकी सैंक्शन लिमिट 3841.74 करोड़ रुपये है.