सरकार ने इस बजट में प्रोविडेंट फंड (पीएफ) में 2.5 लाख रुपये से अधिक के सालाना योगदान पर टैक्स नियमों में बदलाव किया है. सरकार को इस कदम पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था.

                    


अपनी सफाई में केंद्र सरकार ने गुरुवार को जानकारी दी कि पीएफ खातों में 'बड़ी राशि' जमा करने वाले लोगों की संख्या 1.2 लाख है, जो 4.5 करोड़ के आधार के 0.3 फीसदी ही. अधिकारियों ने कहा कि टैक्स फ्री रिटर्न का फायदा बड़े और अमीर लोग उठा रहे हैं, जबकि पीएफ छोटे कर्मचारियों के  (पीएफ)   लिए बनाया गया है.



अमीर निवेशकों के बात करें, तो शख्स के पीएफ खाते में 103 करोड़ रुपये जमा हैं. एक अन्य शख्स के खाते में 86 करोड़ रुपये जमा हैं. सूत्रों ने बताया कि टॉप-20 अमीर निवेशकों के खाते में 825 करोड़ रुपये जमा है, जबकि टॉप 100 खातों में 2,000 करोड़ रुपये का बैलेंस जमा है.


अमीर निवेशकों के पीएफ खातों में औसतन 5.9 करोड़ रुपये जमा है, जबकि वे साल में औसतन 50.3 लाख रुपये की कमाई करते हैं. यह कमाई टैक्स फ्री होती है. वित्त मंत्रालय  (पीएफ)   के सूत्रों के अनुसार, पीएफ में करीब 4.5 करोड़ कर्मचारियों और अमीर निवेशकों के खाते हैं, जिसमें कुल 62,500 करोड़ रुपये जमा हैं.

बजट प्रस्तावों को वाजिब करार देते हुए एक सरकारी अधिकारी ने कहा,  (पीएफ)   "सरकार ने उन अमीर निवेशकों की राहत खत्म कर दी, जो बड़ी राशि जमाकर टैक्स फ्री रिटर्न कमा रहे थे. ऐसे निवेशकों को ईमानदार नौकरीपेशा लोगों की तुलना ..