जनवरी में नॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के प्रीमियम कलेक्शन में 6.7% की (progressive insurance) ग्रोथ हुई है. सबसे ज्यादा हेल्थ इंश्योरेंस की जनवरी 2020 के मुकाबले जनवरी 2021 में 14.6% की ग्रोथ की हुई है. जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के अनुसार 25 जनरल इंश्योरेंस बीमा कंपनियों ने जनवरी में अपने ग्रुप प्रीमियम में 10.8% की वृद्धि दर्ज की और यह 16,247.24 करोड़ रुपए पर पहुंच गया. यह जनवरी 2020 में 14,663.40 करोड़ रुपए रहा था.


                    




विशेषज्ञों के मुताबिक ग्रुप इंश्योरेंस में यह वृद्धि कोरोना इम्पैक्ट की वजह से है. अब कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए ग्रुप इंश्याेरेंस की ज्यादा डिमांड कर रही है. जनवरी में हेल्थ इंश्योरेंस  (progressive insurance) कैटेगिरी से प्रीमियम कलेक्शन 48,501 करोड़ रुपए रहा. इंश्योरेंस इंडस्ट्री के कुल प्रीमियम का 30% हिस्सा इसी कैटेगिरी से आता है. वहीं, नॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों का जनवरी 2021 में 18,488.06 करोड़ रुपए का प्रीमियम कलेक्शन हुआ है जो जनवरी 2020 के मुकाबले 6.66% ज्यादा है. इस महीने में 17,333.70 करोड़ रुपए का प्रीमियम कलेक्शन हुआ था.


फसल बीमा में 9.5 प्रतिशत की गिरावट
फसल बीमा की बात करें तो इसमें 9.5% की कमी आई है. वहीं, मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम की बात करें तो इसमें 4.57% की गिरावट आई है. 2020-21 में अब तक इससे 54,908.5 करोड़ (progressive insurance) रुपए का बीमा कलेक्शन हुआ है. साल 2020-21 के लिए नॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों का कुल प्रीमियम कलेक्शन 1.69 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है. इससे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में इस समान अवधि में ये आंकड़ा 1.59 लाख करोड़ रुपए था.

एलआईसी के फर्स्ट ईयर प्रीमियम में 15 प्रतिशत की कमी
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी, LIC) के फर्स्ट ईयर प्रीमियम में 2019 दिसंबर के मुकाबले दिसंबर 2020 में करीब 15% की कमी आई है. यह देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है. (progressive insurance) लाइफ इंश्योरेंस इंडस्ट्री के दिसंबर प्रीमियम कलेक्शन में 2.7% की गिरावट आई है. यह लगातार दूसरा महीना है जब गिरावट हुई है. दिसंबर में इन कंपनियों को 24 हजार 383 करोड़ रुपए का नया बिजनेस प्रीमियम (एनबीपी) मिला है. दिसंबर 2019 में यह 25 हजार 79 करोड़ रुपए था. एनबीपी एक वर्ष में नई पॉलिसियों से प्राप्त प्रीमियम को कहते हैं.