रेलवे ने माल ढुलाई में नया उच्चतम रिकॉर्ड स्तर बनाया है। रेल मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर (the economy)  ने जनवरी 2021 में 119.79 मीट्रिक टन माल ढुलाई लोड दर्ज किया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इससे पहले पिछला रिकॉर्ड स्तर 119.74 मीट्रिक टन माल ढुलाई लोड मार्च 2019 में रहा था। 


                   


पिछले कुछ महीनों से रेलवे की माल ढुलाई लोडिंग ने पिछले वर्ष की लोडिंग और उसी अवधि के लिए कमाई को पार कर लिया है। मंत्रालय ने कहा कि उम्मीद है कि कुल मिलाकर माल ढुलाई लोड पिछले साल के माल लदान (the economy)   के आंकड़े को पार कर जाएगा। ये आंकड़े ऐसे समय में आये हैं जब रेलवे ने नियमित यात्री ट्रेनों को पिछले साल 25 मार्च से निलंबित कर दिया था और जबकि मई 2020 से केवल विशेष यात्री ट्रेनें ही चल रही हैं। हालांकि, रेलवे मालगाड़िया लॉकडाउन अवधि से चल रही हैं।


मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सोमवार फरवरी 2021 तक भारतीय रेलवे का लोड 30.54 मिलियन टन था, जिसमें 13.61 मिलियन टन कोयला, 4.15 मिलियन टन लौह अयस्क, 1.04 मिलियन टन खाद्यान्न, 1.03 मिलियन टन उर्वरक, 0.96 मिलियन टन मिनरल (the economy)   ऑयल और 1.97 मिलियन टन सीमेंट (क्लिंकर को छोड़कर) शामिल है।

मंत्रालय ने कहा कि यह उल्लेखनीय है कि भारतीय रेलवे में रेलवे की माल ढुलाई को बहुत ही आकर्षक बनाने के लिए कई रियायतें और छूट दे रही है। कोविड 19 ने भारतीय रेलवे को अपनी काबिलियत और प्रदर्शन को (the economy)   बेहतर  तरीके से इस्तेमाल करने का अच्छा मौका दिया है। रेल मंत्रालय ने लोहा और इस्पात, सीमेंट, बिजली, कोयला, ऑटोमोबाइल और रसद सेवा प्रदाताओं के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकें की हैं, ताकि नए व्यवसाय को आकर्षित करने और अन्य मौजूदा ग्राहकों को जोड़ा जा सके। इसके अलावा जोनल और डिविजनल लेवल पर बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स और माल ढुलाई की गति को दोगुना करने में विशेष योगदान रहा।